Thursday, January 20, 2011

उत्तराखण्ड की याद दागडिया







मिथे ता परया हुया जमना गुजर गेन
दिल मा कन कन चोट खेन सब गुजर गेन
वा भी मी तय भूली कन चेन से नी से वेली
मी तय ता नीद भी नी आनी बिड दिन वे गेनी
फुर्सत मिलाली तवे कभी ता मेरा घोर पाका आई
रास्ता मा कु घोर चा मेरु तु ता वे तय भी भूली गेयी
तेरी पुरानी याद मेरी जुकड़ी मा समभाली राखी छान
कब छे आणी मिनों तय आंखी भी टपराणी छान

Wednesday, January 5, 2011

उत्तराखण्ड दागडियो तम्बाकू पीजा
















दागडियो तम्बाकू पीजा
दागडियो धुवा ना उडा
दागडियो नाम च बल संजय गढ़वाली
ठण्ड मा उतरी नी सकडु छो आज कल मी सीडी
दागडियो तम्बाकू पीजा
जब देखा किसा पुटक रेदन मेरा बीडी
धुवा रोली लगायी
रेंदी तम्बाकू और बीडी
जीना कु एक ही साहरू चा
तम्बाकू बीडी
दागडियो तम्बाकू पीजा

Tuesday, January 4, 2011

उत्तराखण्ड गढ़वाल की ठण्ड

ये ठण्ड का मोसम मा कख छे ये दागडिया तु
मेरा ता ठण्ड ना बुरा हाल वे गेन घर मा आग सिखणी वेली तु

जुकड़ी भटकणी चा मेरी दिल चा बुनू कख वेली
आखी छान टपराणी बुनी छन कख वेली कख वेली

दागडिया सब धानी छोड़ याली अब एक तेरु ही सहरा चा
आई भी जा अब तु जुकड़ी भी तेरा ही सहरा बेठी चा

कन दागडिया छे तु जू तवे मेरी जरा भी याद नी आदी
दागडिया सारा दिन फेसबुक और जीमेल देखी कन मेरी आखी पटे जादी

आखी भी टपराणी छन जुकड़ी भी धड्कानी चा तेरी याद मा
डबकुडू छो गाडा गदनयो पागल वे गयो मी ता तेरी याद मा

Sunday, January 2, 2011

uttrakhand kavita

नया साल का अभिनदन मा
सब दागडिया मिल कार बचन करा
कदम से कदम मिली कन जोला
जग जिवन कु उधर करा

ना राली तेरी बात ना राली मेरी बात
जात धर्म कु मान करा
ऊच नीच कु भेद भाव छोडा
नारी जाती कु भी मान करा

कंधो से कन्धा मिले कन चला हम

दुश्मन तय हम दूर करला
नर और नारी को जब साथ होलू
जग जिवन कु उधार करला

संजय गढ़वाली

Saturday, January 1, 2011

सब तय नया साल कि ह्रादिक शुभ कामनाए

















सब तय नया साल कि ह्रादिक शुभ कामनाए
12 महिना ,
52 हप्पता,
365 दिन,
8760 घंटा ,
52600 मिनट ,
3153600 सेकंड्स

महिना, हप्पता, दिन, घंटा, मिनट ,सेकण्ड
भला और खूब बितानी आप का घर मा सुख हो ख़ुशी से राया
आप ये प्राथना छो कनु भगवान से आप का जिवन मगलमय हो
जय बद्री बिशाल ,जय केदार नाथ, जय डाडा नागराजा ,जय पांच नाम देवतो

Saturday, December 25, 2010

उत्तराखंड: कभी खुशी कभी गम में बीता गुजरा साल

अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक केन्द्रों के लिये पूरी दुनिया भर में मशहूर उत्तराखंड में गुजरा साल कभी खुशी और कभी गम के बीच बीता। जहां गुजरे वर्ष 2010 ने नन्हें उत्तराखंड की झोली में कई खुशियां डालीं वहीं कई सालों तक याद रखने वाली टीस भरा गम भी दे गया।

बीते साल की शुरूआती चार महीनों में उत्तराखंड में जहां दुनिया का सबसे बड़ा मेला महाकुंभ एक के बाद एक शाही स्नान को शानदार और शांतिपूर्वक सफल कराकर लाखों लोगों को राहत और खुशियां दे गया, वहीं आखिरी दिनों में राज्य में हुई प्रलयंकारी वर्षा, भूस्खलन और दुर्घटनाओं ने 200 से भी अधिक लोगों को मौत की नींद सुलाकर गहरा दर्द दे दिया।

बीते साल के 14 जनवरी से शुरू हुये महाकुंभ मेले में चार महीनों के दौरान आठ करोड़ 27 लाख 71 हजार लोगों ने गंगा में पूरी आस्था और शांति के साथ डुबकी लगाई। लेकिन सितम्बर और अक्टूबर महीने में राज्य में हुई वर्षा ने 140 सालों का रिकार्ड तोड़ते हुये 200 लोगों को मौत की नींद सुलाया, 600 से भी अधिक लोगों को घायल कर दिया तथा हजारों लोगों को बेघर होने पर मजबूर किया। इस हादसे से राज्य को बेहद गम का सामना करना पड़ा था।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में बीते साल दुनिया का पहला हिमनद प्राधिकरण गठित किया गया जो राज्य के 1500 से अधिक हिमनदों का अध्ययन करेगा। इस अध्ययन में दुनिया के कई विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। लेकिन उद्योगपतियों के लिये बीता साल उदासी लेकर आया जब केन्द्र सरकार ने मार्च में खत्म हुये विशेष औद्योगिक पैकेज की अवधि को बढ़ाने से इन्कार कर दिया। राज्य द्वारा कई बार अनुरोध किये जाने के बावजूद पैकेज राजनैतिक दांव पेंच के बीच फंस कर रह गया।

राज्य में तीन बड़ी बिजली परियोजनाओं का बंद होना भी उदासी का सबब बना। केन्द्र सरकार ने पर्यावरण रक्षा की दुहाई देते हुये 600 मेगावाट वाली लोहारीनागपाला परियोजना पर पांच अरब रूपये खर्च करने के बावजूद इसे बंद कर दिया। इसके साथ साथ राज्य सरकार की दो परियोजनाओं 480 मेगावाट वाली पाला मनेरी और 381 मेगावाट वाली भैरोंघाटी को भी बंद कर दिया। बिजली की संभावनायें समाप्त होने से लोगों को न केवल गम रहा बल्कि लोगों ने इसका पुरजोर विरोध भी किया।

केन्द्रीय योजना आयोग ने उत्तराखंड में बीते साल के दौरान घरेलू पर्यटकों की आमद में रिकार्ड बढ़ोत्तरी हासिल करने के लिये हिमालयी राज्यों में पहला स्थान प्रदान किया। राज्य में प्रलयंकारी वर्षा के बावजूद चार धाम मंदिरों में शामिल यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में श्रद्धालुओं के कारण हुई रिकार्ड आमदनी ने जहां पर्वतीय लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी वहीं प्राकतिक आपदा से त्रस्त उत्तराखंड ने भरपाई के लिये 21,000 हजार करोड़ रूपये की केन्द्र से मांग की लेकिन उसे मात्र 500 करोड़ रूपये मिलना मलाल का कारण बना। निशंक ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक से मुलाकात की लेकिन केन्द्र ने उन्हें गुजरे साल में खाली हाथ ही रखा। हालांकि निशंक अभी तक उम्मीद लगाये हुये हैं कि उन्हें राहत मिलेगी।

उत्तराखंड में गुजरे साल गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिये स्पर्श गंगा परियोजना की शुरूआत की गयी और इसके लिये ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर अदाकारा हेमामालिनी को ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया जो लोगों के लिये खुशी का कारण बना।

इसी तरह भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को बाघ संरक्षण के लिये उत्तराखंड ने वाइल्ड लाइफ वार्डेन बनाकर राज्यवासियों को एक नायाब तोहफा दिया। राज्य की राजधानी में स्थित भारतीय सैन्य अकादमी ने अपनी स्थापना काल से अब तक पचास हजार से अधिक सैन्य अधिकारी देने का आंकड़ा गुजरे साल के दौरान ही पूरा किया जिससे न केवली उत्तराखंड को बल्कि पूरे देश को इस अकादमी पर नाज हुआ। राज्य में पूरा साल कभी खुशी कभी गम के बीच बीता लेकिन पर्वतीय लोगों ने किसी भी स्थिति में अपनी कर्मठता नहीं छोड़ी।

Wednesday, December 22, 2010

UTTRAKHAND SANTA CLAUSE



देखो-देखो बरफ़ गिरी है
कितनी प्यारी मखमल सी है
बर्फ़ के गुड्डे मन को भायें
चलो सभी के संग बनायें
गोल-मोल से लगते प्यारे
गाजर नाक लगाये सारे
आया जो क्रिसमस का मौसम
घर बाहर को कर दें रोशन
राजू क्यों है आज उदास
आओ चल कर पूछें पास
मम्मी बोली उसकी अब के
होंगे नहीं क्रिसमस पे तोहफ़े
उसने मां को खू़ब सताया
इसीलिये ये दंड पाया
सैन्टा उनको तोहफ़ा देते
मम्मी का जो कहना सुनते
हम अच्छे बच्चे बन जायें
सुंदर-सुंदर तोहफ़े पायें

Thursday, November 25, 2010

उत्तराखण्ड का पहाड़ डाड़ी काठी


मेर डण्डि कण्ठियों का मुलुक जैल्यु, बसन्त रितु मा जैयि -२
हैर बण मा बुराँसि का फूल, जब बण आग लगाण होला..
पीता पखों थैं फ्योलिं का फूल, पिन्ग्ला रंग मा रंग्याण होला ..
ळाइयां पैयां ग्वीराल फूलु ना-२, होलि धर्ति सजि देखि ऐइ …
बसन्त रितु म जैयि…
मेर डांडि....

रन्गील फागुन होल्येरोन कि टोलि, डांडि कांठियों रंग्यणि होलि...
कैक रंग म रंग्युं होलु क्वियि, क्वि मनि-मन म रंग्श्याणि होलि..
किर्मिचि केसरि रंग कि बाढ-२, प्रेम क रंगों मा भीजि ऐइ...
बसन्त रितु म जैयि….
मेर डांडि....

बिन्सिरि देय्लिओं मा खिल्दा फूल, राति गों-गों गितेरुं का गीत...
चैता का बोल, ओजियों का ढोल, मेरा रोंतेला मुलुके कि रीत...
मस्त बिग्रैला बैखुं का ठुम्का-२, बांदूं का लस्सका देखि ऐइ....
बसन्त रितु म जैयि...
मेर डंडि....

सैणा दमला र चैतै बयार, घस्यरि गीतों मा गुंज्दि डांडि...
खेल्युं मा रंग-मत ग्वेर छोरा, अट्क्दा गोर घम्डियंदि घंडि..
वखि फुन्डे होलु खत्युं मेरु भि बच्पन, -२ ऊक्रि सक्लि त ऊक्रि कि लैयि...
बसन्त रितु म जैयि...

मेर डण्डि कण्ठियों का मुलुक जैल्यु, बसन्त रितु मा जैयि??

Sunday, November 14, 2010

उत्तराखण्ड दागडियो दगडी चेटिंग


दागडिया बिगाड़ गेनी चेटिंग मा
हुनी छा अब हाकिंग भी चेटिंग मा
टाइम पास वे गे वू कु चेटिंग मा
क्या खुडी कि हुडी छा अब सेटिंग भी चेटिंग मा

दागडिया वे गेन बेकार अब चेटिंग मा
आंख भी होदन ख़राब यी चेटिंग मा
पहेली ता बोल्दन कि हम दोस्त छा
फिर बाद मा क्या बन जदन यी चेटिंग मा

खूब कर दन मस्ती दाग डिया चेटिंग मा
अब ता हार बात ही करदन दाग डिया चेटिंग मा
अब ता टेलीफोन भी बेकार वे गेन चेटिंग मा
अब ता सब बात हुनी छान ये चेटिंग मा



दाग डियो कि इंगलिश ख़राब वे गे चेटिंग मा
वे गेन सब दागडिया बदनाम ये चेटिंग मा
क्या मतलब होदू बात कनु कि पता चल गे अब सब ये चेटिंग मा
अब ता सब दाग डियो तय पता चल गे कि मोहोबत भी हुनी छा चेटिंग मा

Monday, November 8, 2010

दिवाली मुबारक


आई रे बग्वाल, कुछ करा रे धमाल ,
दिवा जालावा, अंध्या खेला,
घूमिक आवा थौला-मेला |

औलु यु मौका फ़िर अगला साल,
......आई रे बग्वाल, कुछ करा रे धमाल |
दिवाली मुबारक हो दग्ङया तुम्हार गाँव माँ भी ख्यलदा भेला छिल्लू का शुभ रात्री

आप सभी को दीपावली की शुभकामनायें